मुन्ना अन्सारी सम्पादक एम आर जे न्यूज महराजगंज
सिसवा बाजार। सेंट जोसेफ्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सिसवा बाजार, महराजगंज के पूर्व छात्र, युवा वैज्ञानिक एवं लेखक शुभम पाण्डेय के बुधवार को अपने विद्यालय आगमन पर विद्यालय परिवार की ओर से भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। अपने पूर्व विद्यालय में लौटे शुभम पाण्डेय ने चेयरमैन ओ. ए. जोसेफ प्रबंधक बिंसी जोसेफ व प्रधानाचार्य बैजू चेरियन से भेंट कर अपनी प्रकाशित पुस्तकों ‘ब्रह्मांड’ एवं ‘भूमंडल’ की प्रतियाँ भेंट कीं।
विद्यालय की प्रातःकालीन सभा में शुभम पाण्डेय ने छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए अपनी शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं साहित्यिक यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर अध्ययन करने तथा अनुशासन, परिश्रम और लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति, अनुशासन और कार्य के प्रति समर्पण अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान, अनुसंधान, लेखन एवं नवाचार के क्षेत्र में अपनी रुचि विकसित करने और नए विचारों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यालय की ओर से चेयरमैन ओ. ए. जोसेफ एवं प्रबंधक बिंसी जोसेफ ने शुभम पाण्डेय को स्मृति-चिह्न, अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। शुभम पाण्डेय के आगमन को लेकर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
शुभम पाण्डेय द्वारा विद्यालय को भेंट की गई पुस्तक ‘ब्रह्मांड’ मानव की खगोलीय जिज्ञासा से लेकर आधुनिक अंतरिक्ष युग तक की विकास-यात्रा पर केंद्रित है। वहीं ‘भूमंडल’ सुदूर संवेदन, भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) तथा पृथ्वी अवलोकन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित संदर्भ पुस्तक है। इन पुस्तकों के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, पृथ्वी विज्ञान एवं आधुनिक वैज्ञानिक अध्ययन के विविध आयामों को समझने का अवसर मिलेगा।इस पुस्तक में युवा वैज्ञानिक ने अपने एक खास गुरु फणींद्र कुमार मिश्र का भी जिक्र किया है कि उन्होंने 9 वर्ष पूर्व ही भविष्यवाणी की थी कि वह वैज्ञानिक ही बनेंगे।
अपने पूर्व छात्र को वैज्ञानिक एवं लेखक के रूप में विद्यार्थियों के बीच देखकर विद्यालय परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त की। इस दौरान अपने विद्यालयी जीवन को स्मरण करते हुए शुभम पाण्डेय ने कहा कि विद्यालय से प्राप्त शिक्षा, संस्कार एवं शिक्षकों का मार्गदर्शन उनके जीवन की यात्रा में सदैव महत्वपूर्ण रहा है।
उन्होंने कहा, “अपने विद्यालय में वापस आना मेरे लिए अपनी जड़ों से जुड़ने जैसा है। जिस विद्यालय से शिक्षा और संस्कार प्राप्त किए, उसी विद्यालय में अपनी पुस्तकों के साथ लौटना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व का विषय है।”इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ तथा छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।









