खिलाड़ियों में दिखा जोश, अनुशासन और खेल भावना का अद्भुत संगम
थाई बॉक्सिंग को बताया आत्मरक्षा, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य का सशक्त माध्यम
मुन्ना अन्सारी सम्पादक एम आर जे न्यूज महराजगंज
रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र), उत्तर प्रदेश। पृथ्वी बैंक्वेट एंड रिजॉर्ट, रॉबर्ट्सगंज में आयोजित चतुर्थ उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग प्रतियोगिता-2026 का भव्य एवं सफल समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। प्रतियोगिता में प्रदेश के वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, जौनपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज, कानपुर, कुशीनगर, रायबरेली, आजमगढ़ सहित 13 जनपदों के लगभग 275 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग कर अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा, अनुशासन, साहस और तकनीकी कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता ने यह सिद्ध कर दिया कि उत्तर प्रदेश में थाई बॉक्सिंग तेजी से लोकप्रिय होती जा रही है और युवा खिलाड़ी इस खेल में अपना उज्ज्वल भविष्य तलाश रहे हैं।
प्रतियोगिता में 85 सदस्यीय वाराणसी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 38 स्वर्ण, 17 रजत एवं 11 कांस्य पदक सहित कुल 66 पदक जीतकर विजेता का खिताब अपने नाम किया। मेजबान सोनभद्र ने 52 पदकों के साथ उपविजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। गाजीपुर ने 45 पदकों के साथ तीसरा तथा प्रयागराज ने 29 पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया। खिलाड़ियों की तकनीकी दक्षता, आत्मविश्वास और खेल भावना ने दर्शकों का भरपूर उत्साहवर्धन किया।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री श्री संजीव कुमार गोंड ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार हैं। उन्होंने कहा कि थाई बॉक्सिंग जैसे खेल युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ मानसिक दृढ़ता, त्वरित निर्णय क्षमता और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी प्रदान करते हैं।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि सांसद श्री छोटे लाल खरवार ने विजेता खिलाड़ियों को पदक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान करते हुए कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी अपने जिले और प्रदेश का गौरव होता है। उन्होंने कहा कि हार और जीत खेल का हिस्सा हैं, लेकिन सच्चा खिलाड़ी वही होता है जो अनुशासन, मेहनत और निरंतर अभ्यास से आगे बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि थाई बॉक्सिंग आत्मरक्षा का अत्यंत प्रभावी खेल है, जो युवाओं विशेषकर बेटियों को आत्मविश्वासी और सशक्त बनाता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए आश्वस्त किया कि खेलों के विकास के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उचित मंच, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की है।
हर्ष मधोक (हाँनरेरी डायरेक्टर, सनबीम ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस) ने कहा कि शिक्षा और खेल एक-दूसरे के पूरक हैं। खेल विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करते हैं।
अमित पांडेय (एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी जनरल, उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन) ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न खेलों के विकास के लिए सभी खेल संगठनों को मिलकर कार्य करना चाहिए ताकि खिलाड़ियों को बेहतर अवसर प्राप्त हों।
शमीम अहमद (क्रीड़ा अधिकारी, सोनभद्र) ने कहा कि खेल युवाओं को नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रखकर स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से निरंतर अभ्यास और अनुशासन बनाए रखने का आह्वान किया।
डॉ. शम्स तबरेज़ ‘शम्पू’ (सेक्रेटरी, डिस्ट्रिक्ट ओलंपिक एसोसिएशन, वाराणसी) ने कहा कि थाई बॉक्सिंग तेजी से उभरता हुआ खेल है और उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी इसमें उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने की क्षमता रखते हैं।
साजिद अली (सेक्रेटरी, डिस्ट्रिक्ट ओलंपिक एसोसिएशन, सोनभद्र) ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं थाई बाक्सिंग एसोसिएशन आफ उत्तर प्रदेश के प्रदेश मिडिया प्रभारी सेराज अहमद कुरैशी ने कहा कि खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ आगे बढ़ने, नियमित अभ्यास करने तथा देश और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
थाईबाक्सिंग एसोसिएशन आफ उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव सैयद इमरान हुसैन ने कहा कि थाई बॉक्सिंग खेल शरीर को मजबूत, चुस्त और संतुलित बनाता है। इससे आत्मरक्षा कौशल, मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास, धैर्य और अनुशासन का विकास होता है। वर्तमान समय में महिलाओं एवं युवाओं के लिए यह खेल विशेष रूप से उपयोगी माना जा रहा है क्योंकि इससे कठिन परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने की क्षमता विकसित होती है। नियमित अभ्यास से शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक तनाव भी कम होता है।
प्रतियोगिता के सफल आयोजन में थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश के जनरल सेक्रेटरी सैयद इमरान हुसैन, टेक्निकल डायरेक्टर मोहम्मद अज़हर खान, वाइस प्रेसिडेंट मनीषा रानी, अतुल जे. पांडेय तथा थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन ऑफ सोनभद्र के चेयरमैन इंजीनियर रमेश पटेल, अध्यक्ष डॉ. एच.पी. सिंह, सचिव अनूप कुमार, उपाध्यक्ष राजन सिंह, सत्येंद्र दुबे, रमाशंकर पांडे एवं थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन ऑफ वाराणसी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट दिनेश कुमार सहित मोहम्मद सद्दाम खान, तबरेज़ खान, हिमांशु विश्वकर्मा, देवेंद्र कुमार, अनस सिद्दीकी, शिव प्रताप साही, आरिफ खान, निलेश यादव, शशि भूषण सिंह, अभिषेक सोनकर, सरताज अहमद, नीरज गुप्ता, अरुण कुमार, अभिलाष कुमार, मो. शादाब तथा अन्य पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।
समापन अवसर पर थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’, संदीप गुप्ता (डायरेक्टर, संदीप स्पोर्ट्स), मनीषा रानी (प्रेसिडेंट, उत्तर प्रदेश रिंग टेनिस एसोसिएशन), सैयद वारिस अली, जया सिंह, सलाउद्दीन अली (एडिटर, 24 न्यूज़), सेराज अहमद कुरैशी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन), मनीष गुप्ता, अज़हर आलम (अध्यक्ष, बनारस व्यापार मंडल), शाकिर सिद्दीकी (चीफ एडिटर, स्टेट मीडिया न्यूज़) तथा जनरल सेक्रेटरी सैयद इमरान हुसैन सहित सभी अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश में खेल संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों एवं खेल प्रेमियों ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे उत्तर प्रदेश में थाई बॉक्सिंग के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी कदम बताया।











