राहुल तिवारी जिला ब्यूरो एम आर जे न्यूज सिंगरौली मध्यप्रदेश
सिंगरौली।मध्य प्रदेश,सिंगरौली,सिधार में कुंदन गोल्ड माइंस कंपनी द्वारा प्रभावित और विस्थापित हो रहे आदिवासी परिवारों के हक में अब बहुजन समाज पार्टी ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है।
विस्थापितों की सुध लेने ज़मीन पर उतरे बसपा के जिलाध्यक्ष शिवशंकर प्रसाद जी ने प्रभावित परिवारों को अपना पूरा समर्थन दिया है।
उन्होंने विस्थापितों की जायज मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन को एक 8-सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
बसपा जिलाध्यक्ष ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक भू-अर्जन अधिनियम के तहत विस्थापितों को उनके सभी बुनियादी अधिकार और सुविधाएं नहीं मिल जातीं, तब तक आगे का कोई भी कार्य प्रारंभ नहीं होने दिया जाएगा।
बसपा द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में विस्थापितों के दर्द और उनके अधिकारों को प्रमुखता से उठाते हुए निम्नलिखित बड़ी मांगें रखी गई हैं-
महान के विस्थापित प्रभावितों की भूमि, भवन, संपत्ति और सभी परिसंपत्तियों का अविलंब उचित मुआवजा वितरित किया जाए। साथ ही आर.एंड.आर. नीति के तहत मिलने वाले सभी लाभों की गारंटी दी जाए।
विस्थापितों पर कोई जबरदस्ती न हो। उन्हें प्लॉट लेने या फिर प्लॉट के बदले एकमुश्त (Lump sum) नकद राशि का भुगतान पाने का स्वतंत्र विकल्प दिया जाए।
परिवार के केवल मुखिया को ही नहीं, बल्कि परिवार के सभी बालिग सदस्यों को भी आर.एंड.आर. नीति के तहत मिलने वाले सभी लाभ प्रदान किए जाएं।
विस्थापित प्रभावित परिवारों के इलाज के लिए एक सर्वसुविधायुक्त आधुनिक अस्पताल का निर्माण कराया जाए, जिसमें 24 घंटे मुफ्त एम्बुलेंस की सेवा अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो।
हाई-टेक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
प्रभावित परिवारों के बच्चों के भविष्य से कोई समझौता न हो। उनके लिए डी.ए.वी. , डी.पी.एस. और क्राइस्ट ज्योति जैसे प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की तर्ज पर आधुनिक शिक्षा की व्यवस्था की जाए।
स्थानीय युवाओं को रोजगार
क्षेत्र के विस्थापित और प्रभावित परिवारों के सदस्यों को प्राथमिकता के आधार पर कंपनी में पक्का रोजगार मुहैया कराया जाए।
पक्की सड़कें और शुद्ध पेयजल-
विस्थापित क्षेत्र के प्रमुख गांवों, गलियों और मोहल्लों की कच्ची सड़कों का कायाकल्प कर उन्हें मुख्य मार्गों से जोड़ा जाए। इसके साथ ही हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने के लिए आर.ओ. प्लांट लगाकर पानी की मुकम्मल व्यवस्था की जाए।
गरीबों को बेरोजगारी भत्ता-
प्रभावित परिवारों में से अत्यंत गरीब और असहाय परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए नियमित रूप से बेरोजगारी भत्ता दिया जाए।
“अधिकार मिलने के बाद ही शुरू होगा काम” – बसपा की दो टूक!
मांग पत्र के अंत में बसपा जिलाध्यक्ष शिवशंकर प्रसाद ने बेहद कड़े और स्पष्ट शब्दों में निवेदन किया है कि प्रशासन और कंपनी यह सुनिश्चित करें कि भू-अर्जन अधिनियम के तहत इन सभी मूलभूत सुविधाओं को पूर्ण करने के बाद ही आगे का कार्य प्रारंभ किया जाए।
उन्होंने कहा कि बसपा किसी भी कीमत पर आदिवासी और शोषित परिवारों के अधिकारों का हनन नहीं होने देगी।
जब तक हर एक प्रभावित परिवार पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाता और उन्हें उनका हक नहीं मिल जाता, बहुजन समाज पार्टी विस्थापितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करती रहेगी।
इस कदम के बाद क्षेत्र के विस्थापित आदिवासियों में अपने हक की लड़ाई को लेकर एक नई उम्मीद जगी है, वहीं कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन पर दबाव साफ देखा जा सकता है।
















