नितेश वर्मा उप सम्पादक एम आर जे न्यूज महराजगंज
महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) महराजगंज की ‘ए’ समवाय पतलावा टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1296 किलोग्राम चाइनीज लहसुन बरामद किया है। बरामद लहसुन को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क कार्यालय निचलौल को सुपुर्द कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 सितंबर 2026 की रात करीब 9:50 बजे 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल महराजगंज के अंतर्गत ‘ए’ समवाय पतलावा के कार्यक्षेत्र झुलनीपुर में तैनात आसूचना कर्मी से सूचना प्राप्त हुई कि भारत-नेपाल सीमा से करीब 500 मीटर की दूरी पर तिलबारी गांव के बाहर खेत के पास एक छिपावदार स्थान पर चाइनीज लहसुन रखा गया है। सूचना में यह भी बताया गया कि उक्त लहसुन को पिकअप वाहन में लोड कर किसी अन्य स्थान पर भेजे जाने की तैयारी हो सकती है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसएसबी टीम तत्काल सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर संदिग्ध स्थान की सघन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान खेत के पास छिपाकर रखा गया 72 बोरी चाइनीज लहसुन बरामद हुआ। बरामद सामान को कब्जे में लेकर नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई की गई।
सीमा शुल्क कार्यालय निचलौल द्वारा कराई गई तौल में बरामद 72 बोरियों में चाइनीज लहसुन का कुल वजन 1296 किलोग्राम पाया गया। इसके बाद बरामद सामान के संबंध में मौके पर ही जब्ती एवं सुपुर्दगी से संबंधित आवश्यक कार्रवाई पूरी की गई।
कार्रवाई करने वाली टीम में संदीप सिंह, सहायक कमांडेंट, निरीक्षक (सा.) अरुण कुमार पाण्डेय, आरक्षी (सा.) धर्मेंद्र कुमार राम, आरक्षी (सा.) हसीबुर रहमान तथा आरक्षी चालक जीवन सिंह शामिल रहे।
एसएसबी टीम द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं मानवाधिकार आयोग की ओर से समय-समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों का अनुपालन करते हुए मौके पर फर्द बरामदगी और जब्ती से संबंधित आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद बरामद 1296 किलोग्राम चाइनीज लहसुन को सुरक्षित रूप से सीमा शुल्क कार्यालय, निचलौल को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए सुपुर्द कर दिया गया।
सीमा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में चाइनीज लहसुन की बरामदगी के बाद एक बार फिर भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय तस्करी नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता सामने आई है। एसएसबी की इस कार्रवाई से सीमा क्षेत्र में अवैध तरीके से सामान के परिवहन पर रोक लगाने के प्रयासों को भी मजबूती मिली है।









