स्कूली बच्चों की पढ़ाई ठप, मरीजों की सांसें अटकीं, ग्रामीण बोले— आखिर कब जागेगा प्रशासन?
अहमद रजा जिला ब्यूरो एम आर जे न्यूज महराजगंज
महराजगंज जनपद के ग्राम सभा बोदना बाजार से कटखोर तक जाने वाला पक्की सड़क मार्ग आज बदहाली की ऐसी कहानी बयां कर रहा है, जिसे देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। कभी विकास की पहचान कही जाने वाली यह सड़क अब गहरे गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। सड़क की हालत इतनी भयावह है कि राहगीरों का पैदल चलना तक दूभर हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात शुरू होते ही इस मार्ग पर लगभग चार से पांच फीट तक पानी बहने लगता है, जिससे पूरा रास्ता तालाब में बदल जाता है। ऐसे हालात में गांव का संपर्क निचलौल, ठूठीबारी और जिला मुख्यालय महराजगंज से लगभग कट जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को झेलनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो जाती है। कई बार मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी दिक्कत होती है और एम्बुलेंस तक गांव में प्रवेश नहीं कर पाती। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से आए दिन बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार ब्लॉक और जिला प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला। जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं और जनता बदहाली का दंश झेलने को मजबूर है।
गांव के लोगों ने सोशल मीडिया माध्यम से जिलाधिकारी महराजगंज, लोक निर्माण विभाग और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इस सड़क का तत्काल निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और बरसात में गांव का संपर्क पूरी तरह बाधित न हो।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी, या फिर बोदना बाजार से कटखोर तक के ग्रामीण यूं ही बदहाल सड़क पर जिंदगी का जोखिम उठाते रहेंगे?









