नितेश वर्मा उप सम्पादक एम आर जे न्यूज महराजगंज
लखनऊ। ग्राम पंचायत की भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत पारित बेदखली आदेश को लागू करने के लिए लंबी और जटिल निष्पादन प्रक्रिया अपनाने की आवश्यकता नहीं है।
हाईकोर्ट ने कहा कि धारा 67 के तहत कार्रवाई संक्षिप्त प्रकृति की है और कानून में दिए गए प्रावधानों के अनुसार अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। धारा 67(3) के तहत अतिक्रमणकारी को हटाने के लिए आवश्यक बल प्रयोग का भी प्रावधान है।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित प्रतिकर की वसूली भू-राजस्व के बकाये की तरह की जा सकती है। कोर्ट के मुताबिक ऐसे मामलों में सिविल प्रक्रिया संहिता की लंबी और पेचीदा निष्पादन प्रक्रिया लागू नहीं होगी।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से राजस्व न्यायालय मैनुअल के पैरा 460 की समीक्षा करने तथा उसे वर्तमान राजस्व संहिता और नियमों के अनुरूप बनाने पर विचार करने को कहा है।
यह फैसला ग्राम पंचायत की भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों में राजस्व अधिकारियों द्वारा बेदखली आदेशों के त्वरित क्रियान्वयन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।









