अम्बरीष शर्मा राज्य ब्यूरो एम आर जे न्यूज महराजगंज
महराजगंज। उत्तर प्रदेश के महराजगंज से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिस थाली में ग्राहक को खाना परोसा गया, उसी थाली में खाने के साथ पहुंच गया करीब 12mm का स्टील का नुकीला टुकड़ा, जी हां… दावा है कि ग्राहक ने जब खाने में धातु का टुकड़ा देखा तो उसने तत्काल वीडियो बनाते हुए रेस्टोरेंट के कर्मचारी और संचालक से इसकी शिकायत की। लेकिन आरोप है कि शिकायत सुनने और मामले को गंभीरता से लेने के बजाय ग्राहक और होटल संचालकों के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई। वीडियो बनाने के लिए भी मना किया गया, घटना से जुड़ा एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि खाने में स्टील का टुकड़ा आया कैसे? बड़ा सवाल ये है कि अगर यही नुकीला धातु का टुकड़ा ग्राहक के मुंह से होते हुए गले या पेट में चला जाता तो क्या होता?
वी/ओ- तस्वीरें उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद के नौतनवा कस्बे के एक निजी रेस्टोरेंट की बताई जा रही हैं। दावा है कि ग्राहक ने रेस्टोरेंट में खाना ऑर्डर किया। खाना परोसे जाने के बाद ग्राहक इत्मिनान से भोजन करने लगा की अचानक मुंह में कुछ अजीब सा महसूस हुआ, निवाला बाहर निकाला तो उसमें स्टील का नुकीला टुकड़ा नजर आया।
बताया जा रहा है कि यह टुकड़ा करीब 12 एमएम का था। अब जरा सोचिए…स्पेशल थाली का यह नुकीला स्टील का टुकड़ा अगर भोजन करते समय ग्राहक निगल लेता, तो स्थिति कितनी गंभीर हो सकती थी, इसका अंदाजा नही लगाया जा सकता है। खाने में ऐसी चीज का मिलना अपने आप में खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है।
■ हालांकि इस पूरे मामले में रेस्टोरेंट प्रबंधन का पक्ष भी जानना जरूरी है और इसी वजह से हमारी टीम सीधे होटल मैनेजर से बात की। जहां होटल मैनेजर अपनी गलती को कैमरे के सामने एक्सेप्ट करते हुए नजर आए, लेकिन जब उनके किचन को देखा गया तो न ही वहां साफ सफाई थी और न ही वहां सीसीटीवी कैमरे ही लगे थे।
■ देश भर में आए दिन बढ़ रहे थूक जिहाद, यूरिन जिहाद जैसे मामलों पर अंकुश लगाए जाने को लेकर “योगी सरकार ने सितंबर 2024 में खान-पान के प्रतिष्ठानों में CCTV निगरानी को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए थे कि निगरानी केवल ग्राहकों के बैठने वाले हिस्से तक सीमित न रहे और प्रतिष्ठान के अन्य हिस्से भी कवर किए जाएं। यानी आज इस मामले में CCTV महज सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि घटना की सच्चाई सामने लाने वाला महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बन सकता है।
■ अगर इस रेस्टोरेंट में CCTV कैमरे लगे हैं तो सवाल सीधा है—
क्या घटना के समय की फुटेज मौजूद है?
■ क्या किचन या भोजन तैयार करने वाले हिस्से की गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड हुई हैं?
■ क्या फुटेज में यह पता लगाया जा सकता है कि भोजन तैयार करने से लेकर ग्राहक की मेज तक पहुंचने के बीच क्या हुआ?
और क्या उस फुटेज को सुरक्षित रखा गया है?
सवाल बहुत है लेकिन यहां बात उस ग्राहक के जीवन की है जिसे वह नुकीला स्टील के टुकड़े वाला भोजन परोसा गया। ग्राहक का आरोप है कि उसने जब रेस्टोरेंट प्रबंधन से इसकी शिकायत की तो मामले को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी कथित तौर पर इसी मामले से जुड़ी तस्वीरें दिखाई दे रही हैं।
अब इस वीडियो की वास्तविक परिस्थितियां क्या हैं? घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था?
ग्राहक की शिकायत पर रेस्टोरेंट प्रबंधन ने किस तरह का ग्राहक से बर्ताव किया? और सबसे महत्वपूर्ण सवाल—खाने में स्टील का टुकड़ा पहुंचा कहां से?
क्या यह रसोई से आया? क्या किसी बर्तन या उपकरण का हिस्सा टूटकर खाने में गिरा?
या फिर भोजन तैयार करने और परोसने की प्रक्रिया में किसी स्तर पर लापरवाही हुई? इन तमाम सवालों के जवाब अभी बाकी है, साथ ही इस पूरे मामले में एक बात बिल्कुल साफ है कि खाने में किसी भी तरह की बाहरी या नुकीली धातु की वस्तु का मिलना गंभीर सवाल खड़ा करता है। लेकिन इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। अब जरूरत है कि संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी भी इस मामले का संज्ञान लें और यह पता लगाएं कि आखिर खाने की थाली तक स्टील का टुकड़ा पहुंचा कैसे। दरअसल, रेस्टोरेंट में खाना खाने वाला ग्राहक सिर्फ स्वाद के लिए पैसे नहीं देता। वह इस भरोसे के साथ खाना खाता है कि उसे सुरक्षित और स्वच्छ भोजन परोसा जाएगा। ऐसे में अगर खाने के अंदर कोई नुकीली धातु की वस्तु मिलती है तो यह सिर्फ ग्राहक की शिकायत नहीं रह जाती। यह सवाल बन जाता है—क्या खाद्य सुरक्षा व्यवस्था जमीन पर उतनी ही मजबूत है, जितनी कागजों पर दिखाई देती है नौतनवा के इस मामले में भी यही सवाल सामने है। क्या रेस्टोरेंट में साफ-सफाई की नियमित जांच होती है? क्या रसोई के उपकरणों की स्थिति देखी जाती है? क्या खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है? और अगर ग्राहक की शिकायत सही पाई जाती है, तो जिम्मेदारी तय होगी या मामला सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो तक सीमित रह जाएगा? यह एक अहम सवाल है।









