खाली लौटने वाली मालगाड़ियों में माल लदान का मिलेगा मौका

Ramesh Pandey
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2 hours ago
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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे द्वारा मालगाड़ियों की उपलब्ध क्षमता का अधिकतम उपयोग करने तथा माल परिवहन को अधिक किफायती और सुगम बनाने के उद्देश्य से परंपरागत खाली प्रवाह दिशा योजना (Traditional Empty Flow Directions ) लागू की गई है। इस योजना के तहत उन दिशाओं में माल लदान को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जहां मालगाड़ियां माल उतारने के बाद सामान्यतः खाली लौटती हैं।

इस पहल से खाली लौटने वाली मालगाड़ियों की क्षमता का बेहतर उपयोग होगा और ग्राहकों को रियायती माल भाड़े पर अपने उत्पादों को रेल के माध्यम से विभिन्न स्थानों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, इससे भारतीय रेलवे को अतिरिक्त माल यातायात प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

परंपरागत खाली प्रवाह दिशा में माल लदान के लिए सरलीकृत स्वचालित माल भाड़ा छूट योजना जो कि पहले से लागू है के संशोधित प्रावधान 01 अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेंगे।

अधिसूचित खाली प्रवाह दिशाओं में पात्र माल के लदान पर सामान्य माल भाड़े में 15 से 20 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाएगी। यह छूट निर्धारित पात्रता एवं अन्य शर्तों के अनुसार लागू होगी।

भारतीय रेलवे के कई मार्गों पर मालगाड़ियां एक दिशा में माल लेकर जाती हैं और माल उतारने के बाद दूसरी दिशा में खाली लौटती हैं। योजना का उद्देश्य ऐसी खाली वापसी यात्रा में उपलब्ध क्षमता का उपयोग माल ढुलाई के लिए करना है।

अर्थात, जिस दिशा में मालगाड़ी सामान्यतः खाली लौटती है, उस दिशा में पात्र माल लदान करने वाले ग्राहक को कम माल भाड़े का लाभ मिल सकता है।

योजना की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाली पात्र माल खेप पर माल भाड़े में छूट रेलवे की व्यवस्था के माध्यम से स्वतः लागू होगी। इसके लिए ग्राहक को प्रत्येक पात्र खेप के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

छूट केवल रेलवे द्वारा निर्धारित एवं अधिसूचित खाली प्रवाह दिशाओं में पात्र माल पर लागू होगी। संबंधित दिशा, माल की पात्रता, छूट की दर तथा अन्य शर्तें निर्धारित रेलवे प्रावधानों के अनुसार होंगी।

यह योजना उद्योगों, व्यापारियों और अन्य माल ग्राहकों के लिए अपने उत्पादों को कम लागत में दूर-दराज के क्षेत्रों और नए बाजारों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करेगी।

रियायती माल भाड़े के कारण माल ढुलाई की लागत कम होने से उत्पादों की कुल लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, जिसका लाभ आगे चलकर उपभोक्ताओं को भी मिल सकता है। इससे बाजार में वस्तुओं की कीमतों को कम रखने तथा महंगाई को नियंत्रित करने में भी सकारात्मक योगदान की संभावना है।

इसके साथ ही, रेल के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों तक उत्पादों की आसान और किफायती पहुंच से व्यापारियों और उत्पादकों को नए बाजारों में अपने उत्पाद पहुंचाने का अवसर मिलेगा। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

विशेष रूप से ऐसे उद्योग और व्यवसाय, जिनके लिए माल परिवहन लागत एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, इस योजना का लाभ उठाकर अपने उत्पादों की पहुंच का विस्तार कर सकते हैं।

भारतीय रेलवे की इस पहल के तहत वर्तमान एवं संभावित माल ग्राहकों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, ऐसी दिशाओं में नए माल यातायात की संभावनाओं की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जहां मालगाड़ियां सामान्यतः खाली लौटती हैं।

यह पहल खाली लौटने वाली मालगाड़ियों का बेहतर उपयोग, माल परिवहन की लागत में कमी, रेल संसाधनों का अधिकतम उपयोग, नए बाजारों तक उत्पादों की पहुंच तथा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सरल शब्दों में, जो मालगाड़ी एक दिशा में माल पहुंचाने के बाद दूसरी दिशा में खाली लौटती थी, उसी वापसी यात्रा में अब पात्र माल को रियायती दर पर ले जाने का अवसर मिलेगा। इससे रेलवे और माल ग्राहकों के साथ-साथ व्यापक रूप से व्यापार तथा उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलने की संभावना है।

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Ramesh Pandey

Ramesh Pandey

मेरा नाम रमेश पाण्डेय है। पत्रकारिता मेरा मिशन भी है और प्रोफेशन भी। सत्य और तथ्य पर आधारित सही खबरें आप तक पहुंचाना मेरा कर्तव्य है। आप हमारी खबरों को पढ़ें और सुझाव भी दें।

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