राहुल तिवारी जिला ब्यूरो एम आर जे न्यूज सिंगरौली मध्यप्रदेश
सिंगरौली।कानून को खिलौना और रंजिश निकालने के लिए बेजुबान जानवरों की मौत को हथियार बनाने का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र के ग्राम बेलहवा में पुरानी दुश्मनी का बदला लेने और पुलिसिया कार्रवाई से बचने के लिए एक परिवार को झूठे केस में फंसाने की बड़ी साजिश का आरोप लगा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता सीताकली बैगा ने अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
कहानी 19 सितंबर की:-
पहले हुई बेरहमी से मारपीट, दर्ज हुआ ST एक्ट-
इस पूरे विवाद की जड़ 19 सितंबर 2026 को हुई एक वारदात है। पीड़िता का आरोप है कि गाँव के दबंग जागेलाल जयसवाल और विनय जयसवाल ने उनके भतीजे लाल बहादुर बैगा के साथ सरेराह मारपीट की थी।
पीड़ित परिवार की शिकायत पर चितरंगी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ एसटी-एससी एक्ट (ST-SC Act) सहित कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली थी।
कहानी 22 सितंबर की:-
केस वापस लेने का दबाव, रची गई ‘करंट और गाय’ की स्क्रिप्ट-
पीड़िता सीताकली बैगा का आरोप है कि एसटी-एससी एक्ट का मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी बौखला गए।
पुलिसिया कार्रवाई से बचने और पीड़ित परिवार पर समझौता करने का दबाव बनाने के लिए एक नया जाल बुना गया।
आरोपियों ने गाँव के ही रमेश बैगा को अपने प्रभाव में लिया और 22 सितंबर को चितरंगी थाने में एक मनगढ़ंत शिकायत दर्ज करवा दी।
इस शिकायत में दावा किया गया कि पीड़िता के पति हरिहर बैगा, देवर लालशाह बैगा और भतीजे लाल बहादुर ने तालाब में करंट लगा दिया, जिससे रमेश की गाय की मौत हो गई।
खुद सूअर मारने के लिए करंट लगाते हैं आरोपी –
पीड़िता ने पुलिस कप्तान (SDOP) के सामने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि जिस गाय की मौत का बहाना बनाया जा रहा है, वह असल में एक आवारा गाय थी। जागेलाल और विनय जयसवाल खुद इलाके में सूअर मारने के लिए अवैध रूप से करंट फैलाते हैं। अब अपनी गर्दन फंसती देख उन्होंने उस आवारा गाय को रमेश बैगा की गाय बताकर उनके पूरे परिवार पर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया है।
राजीनामा करो, नहीं तो जान से मार देंगे-
शिकायती पत्र के अनुसार, इस फर्जी रिपोर्ट के दम पर आरोपी अब पीड़ित परिवार को डरा-धमका रहे हैं।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी साफ शब्दों में कह रहे हैं कि “अगर मारपीट का केस वापस नहीं लिया और राजीनामा नहीं किया, तो जान से मार देंगे।”
इस खौफनाक धमकी के बाद से पीड़ित बैगा परिवार दहशत के साये में जीने को मजबूर है।
गंभीर सवाल:-
क्या मिलेगी सुरक्षा?
पीड़िता ने अनुविभागीय पुलिस अधिकारी से मांग की है कि रमेश बैगा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
साथ ही दबंगों के हौसलों को देखते हुए पीड़ित परिवार ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि इस दोहरे मामले में पुलिस प्रशासन कितनी जल्दी सच को सामने लाता है।















