14 विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दीं सेवाएं, मुफ्त जांच, चिकित्सकीय परामर्श और दवाओं का हुआ वितरण; मानवाधिकार संगठन एवं सेवा ट्रस्ट की पहल बनी जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत
मुन्ना अन्सारी सम्पादक एम आर जे न्यूज महराजगंज
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।मानव सेवा, सामाजिक सरोकार और जनकल्याण की भावना को साकार करते हुए मानवाधिकार संगठन एवं सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद आस्ताने पर विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न चिकित्सा विधाओं के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इस दौरान हजारों की संख्या में पहुंचे मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, विभिन्न प्रकार की जांच और निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं। आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय और जरूरतमंद लोगों के लिए यह शिविर किसी बड़ी राहत से कम नहीं रहा।
दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद आस्ताने, निकट नॉर्मल टैक्सी स्टैंड पर आयोजित यह शिविर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक चला। शिविर में हड्डी रोग, हृदय रोग, बाल रोग, स्त्री रोग, दंत रोग एवं सामान्य चिकित्सा सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। इसके साथ ही ब्लड जांच, ब्लड प्रेशर जांच और निःशुल्क दवा वितरण की भी व्यवस्था की गई थी। शिविर में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी और चिकित्सकों ने पूरी संवेदनशीलता एवं सेवाभाव के साथ लोगों का उपचार किया।
शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. रहमत अली, शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शाहनवाज जमाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिभा गुप्ता, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दलजीत सिंह, जनरल फिजिशियन डॉ. समी अख्तर, डॉ. फिरोज आलम, डॉ. एमडी हसन वारिस तथा दंत चिकित्सक डॉ. यासिर अफजाल सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
चिकित्सकों ने मरीजों की स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीरता से सुना और आवश्यक जांच के बाद उन्हें उचित उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी। शिविर का मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना था, जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श नहीं ले पाते हैं।
मुख्य अतिथि पूर्व महापौर सत्या पाण्डेय ने कहा कि मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। समाज में आज भी बड़ी संख्या में ऐसे गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोग हैं, जो आर्थिक अभाव के कारण गंभीर बीमारियों का इलाज नहीं करा पाते। ऐसे लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना केवल सामाजिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि हमारा मानवीय कर्तव्य भी है।उन्होंने कहा कि मानवाधिकार संगठन एवं सेवा ट्रस्ट का उद्देश्य केवल अधिकारों की लड़ाई लड़ना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और मानव कल्याण के क्षेत्र में संगठन निरंतर कार्य कर रहा है। यह स्वास्थ्य शिविर उसी सेवा भावना का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने चिकित्सकों की टीम, सहयोगियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब समाज के सक्षम लोग जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आते हैं, तभी एक स्वस्थ और संवेदनशील समाज का निर्माण होता है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के जनकल्याणकारी आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
मानवाधिकार संगठन एवं सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रज़ी ने अपने संबोधन में कहा कि मानवता की सेवा ही इंसानियत की सबसे बड़ी पहचान है। जाति, धर्म, मजहब और वर्ग से ऊपर उठकर जरूरतमंदों की मदद करना ही सच्चे सामाजिक सरोकार का परिचायक है। स्वास्थ्य हर व्यक्ति की बुनियादी जरूरत और अधिकार है। किसी गरीब व्यक्ति को केवल आर्थिक मजबूरी के कारण इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर समाज में आपसी भाईचारे, सहयोग और संवेदनशीलता को मजबूत करते हैं। दरगाह जैसे पवित्र स्थल पर सभी वर्गों के लोगों के लिए चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सामाजिक एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का भी खूबसूरत संदेश है। उन्होंने शिविर में सहयोग करने वाले सभी चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठन के पदाधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि सेवा का यह कारवां आगे भी इसी उत्साह के साथ जारी रहना चाहिए।
संगठन के संरक्षक इकरार अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में वास्तविक बदलाव केवल भाषणों और नारों से नहीं, बल्कि धरातल पर किए गए सेवा कार्यों से आता है। मानवाधिकार संगठन एवं सेवा ट्रस्ट ने जरूरतमंदों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर एक सराहनीय पहल की है। हजारों लोगों का शिविर में पहुंचकर लाभान्वित होना इस बात का प्रमाण है कि समाज में ऐसे आयोजनों की कितनी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बीमारी किसी जाति, धर्म या आर्थिक स्थिति को देखकर नहीं आती, इसलिए चिकित्सा सेवा भी बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद तक पहुंचनी चाहिए। हमारा प्रयास होना चाहिए कि कोई भी गरीब व्यक्ति पैसे के अभाव में इलाज से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी और कार्यकर्ता को सेवा, समर्पण और मानवता की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने चिकित्सक टीम और आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी सहयोगियों को बधाई दी।
स्वास्थ्य शिविर के अवसर पर संगठन के संरक्षक इकरार अहमद, हसन जमाल उर्फ बबुआ भाई, फिरोज उल हक, डॉ. अजीज रिजवी, हाजी इरशाद खान, सुभाष दूबे, जिला अध्यक्ष राय, महानगर अध्यक्ष अनिल जायसवाल, प्रदेश प्रवक्ता शिवेंद्र पाण्डेय, मुशर्रफ अली, मिर्जा कर्रार, रजी अहमद सिद्दीकी, डॉ. राशीद हुसैन, मिनहाज सिद्दीकी एडवोकेट, वरिष्ठ पत्रकार सेराज अहमद कुरैशी, सुशील कुमार सिंह, वसीम भाई, संजुम आरिफ सहित संगठन के सैकड़ों पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी ने शिविर को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन के अंत में आयोजकों ने चिकित्सकों, सहयोगियों, स्वयंसेवकों और शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से मानवाधिकार संगठन एवं सेवा ट्रस्ट ने यह संदेश दिया कि मानवता की सेवा किसी एक धर्म, जाति या समुदाय तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह समूचे समाज के कल्याण का संकल्प है।









