वार्ड-6 के व्यस्त चौराहे पर खुले में रखा विद्युत उपकरण बना खतरा, आसपास इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज और प्राथमिक विद्यालय—जिम्मेदारों की नजर फिर भी नहीं पड़ी
रिपो-सुनील प्रजापति ऐंधा जालौन
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माधौगढ़ (जालौन)। बिजली विभाग की लापरवाही अब सिर्फ तारों तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों की जान के लिए खुला खतरा बनती दिखाई दे रही है। नगर के वार्ड नंबर छह में खुले में रखे विद्युत उपकरण की चपेट में आकर एक बेजुबान की मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और उनका सीधा सवाल है—क्या विभाग किसी इंसान के हादसे का इंतजार कर रहा है? बताया गया कि बलराम यादव आजाद बेजुबान को चराने के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान वह खुले में रखे विद्युत उपकरण की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। घटना ने बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।हैरानी की बात यह है कि यह कोई सुनसान कोना नहीं, बल्कि व्यस्त चौराहा है। आसपास इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज और प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। यानी जिस रास्ते से रोजाना बच्चे, छात्र और राहगीर गुजरते हैं, वहीं बिजली का खतरा खुलेआम खड़ा है। लोगों का कहना है कि विभाग शायद हादसे के बाद ही सुरक्षा व्यवस्था याद करता है। अभी बेजुबान की जान गई है, कल कोई बच्चा या राहगीर इसकी चपेट में आ गया तो जिम्मेदारी कौन लेगा? स्थानीय लोगों ने तत्काल विद्युत उपकरण को सुरक्षित कराने और मौके पर सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग को अब नींद से जागना होगा, क्योंकि अगली खबर किसी बेजुबान की नहीं, किसी इंसान की न हो जाए—इसकी कोई गारंटी नहीं।















