नितेश वर्मा उप सम्पादक एम आर जे न्यूज महराजगंज
दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मामलों की जांच प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि पुलिस किसी भी मामले में अपनी मर्जी से आगे की जांच (Further Investigation) शुरू नहीं कर सकती।
अदालत ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 173(8) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 193(9) के तहत यदि पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने के बाद आगे की जांच करनी हो, तो इसके लिए संबंधित अदालत से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसियों को पहले अदालत के सामने यह स्पष्ट करना होगा कि मामले में आगे की जांच क्यों आवश्यक है और कौन से नए तथ्य या साक्ष्य सामने आए हैं। अदालत इस आधार पर तय करेगी कि आगे की जांच की अनुमति दी जाए या नहीं।
अदालत का मानना है कि बिना न्यायिक अनुमति के आगे की जांच शुरू करने से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और अभियुक्तों के अधिकारों पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए जांच की प्रक्रिया पर न्यायालय की निगरानी आवश्यक है।






