जावेद अख्तर सह सम्पादक एम आर जे न्यूज महराजगंज
गेरमा की सविता की कहानी बनी मिसाल,सविता ने नहीं मानी हार; आज दे रहीं हुनर की उड़ान
महाराजगंज। हालात कमजोर थे, संसाधन सीमित थे और परिवार की जरूरतें पति की अकेली कमाई से पूरी करना मुश्किल था। ऐसे में सिसवा ब्लॉक के ग्रामसभा गैरमा निवासी सविता प्रजापति ने परिस्थितियों के आगे घुटने टेकने के बजाय खुद कुछ करने का फैसला किया। वर्ष 2010 में अपनी जमा पूंजी से खरीदी एक सिलाई मशीन से शुरू हुआ उनका छोटा-सा प्रयास आज 300 से अधिक बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरक कहानी बन चुका है।
शुरुआत छोटी थी, इरादा बड़ा
सविता के सामने परिवार चलाने की चुनौती थी। पति रामबेलास प्रजापति की अकेली कमाई से घर की सभी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही थीं। सविता ने अपनी बचत से सिलाई मशीन खरीदी और सिलाई के साथ ब्यूटी पार्लर का काम शुरू किया। उनके पास न बड़ा सेंटर था और न ही पर्याप्त संसाधन, लेकिन खुद के पैरों पर खड़े होने का दृढ़ संकल्प था।
शुरुआती सफर इतना आसान भी नहीं रहा। करीब तीन महीने तक सविता के पास कोई लड़की प्रशिक्षण लेने नहीं आई। इंतजार लंबा था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। धीरे-धीरे एक बेटी जुड़ी और फिर दूसरी। इसके बाद उनके हुनर और मेहनत की चर्चा आसपास के क्षेत्र में फैलने लगी।
शुल्क नहीं दे सकीं तो भी सिखाया हुनर
सविता ने सिलाई-ब्यूटी पार्लर को सिर्फ कमाई का जरिया नहीं बनाया। उन्होंने इसे बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बना लिया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की ऐसी बेटियां, जो प्रशिक्षण का शुल्क देने में सक्षम नहीं थीं, उन्हें भी उन्होंने हुनर सीखने का अवसर दिया।
अब तक करीब 300 से अधिक युवतियां उनसे सिलाई और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लेकर अपने पैरों पर खड़े होने की दिशा में आगे बढ़ चुकी हैं। किसी ने सिलाई को रोजगार बनाया तो किसी ने ब्यूटी पार्लर का काम शुरू कर अपनी आमदनी का रास्ता तैयार किया।









