राहुल तिवारी जिला ब्यूरो एम आर जे न्यूज सिंगरौली मध्यप्रदेश
सिंगरौली।मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के अंतर्गत आने वाले चितरंगी विकासखंड की ग्राम पंचायत शेरवा में भ्रष्टाचार का एक अनोखा और गंभीर मामला सामने आया है।
यहाँ एक सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य को कागजों पर ‘रनिंग’ (प्रगति पर) दिखाकर ₹2,95,000 की सरकारी राशि निकाल ली गई, जबकि धरातल पर निर्माण कार्य का नामोनिशान तक नहीं है।हैरानी की बात यह है कि विभाग द्वारा नोटिस जारी किए जाने के महीनों बाद भी न तो धरातल पर काम शुरू हुआ है और न ही दोषियों पर कोई कड़ी कार्रवाई की गई है।
पूरा मामला फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
कागजों पर ‘रनिंग’ दिखाकर निकाली राशि
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत शेरवा में सामुदायिक भवन की स्वीकृति मिली थी। स्थानीय ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इस भवन के बनने से गांव में सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए एक अच्छी जगह मिल जाएगी।
लेकिन, पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने मिलकर इस योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया।
निर्माण कार्य को प्रगति पर दर्शाते हुए ₹2,95,000 की राशि आहरित कर ली गई।
धरातल पर शून्य, सिर्फ कागजों में विकास जब इस निर्माण कार्य की जमीनी हकीकत देखी गई, तो वहाँ एक ईंट भी नहीं रखी मिली।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी धन का सरेआम दुरुपयोग किया गया है और जनता के हक के पैसे को अफसरों और बिचौलियों ने मिलकर डकार लिया है।
नोटिस के महीनों बाद भी फाइल बंद, कार्रवाई गायब
भ्रष्टाचार का यह मामला उजागर होने के बाद संबंधित विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नोटिस जारी किया गया था। उम्मीद थी कि नोटिस के बाद काम शुरू होगा या दोषियों से रिकवरी कर उन पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
न तो मौके पर काम शुरू हुआ और न ही भ्रष्टाचारियों पर कोई एक्शन लिया गया, जिससे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश, उच्च स्तरीय जांच की मांग
इस खुले भ्रष्टाचार को लेकर शेरवा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कागजों पर पैसे निकालकर काम नहीं करने वाले दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन और वरिष्ठ अधिकारियों का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।









